Thursday, February 24, 2011

सदी के महाकिसान का काकोरी कांड
लो जी आखिरकार सदी के महानायक सदी के महाकिसान बन ही गए। इस बार अमिताभ ने उन सभी लोगों की बोलती बंद कर दी जो उन्हें फ़र्ज़ी किसान बता रहे थे। अबकी बार अमिताभ ने बाकायदा ट्रैक्टर पर बैठकर फोटो भी खिंचवाई, इससे एक फ़ायदा ये हुआ कि लगे हाथों उनके समधी जी की कंपनी के ट्रैक्टर का विज्ञापन भी हो गया। लखनऊ के काकोरी गांव में बीज भी उन्होंने खुद ही बोया और खाद भी खुद ही डाला। इसलिए कुछ लोग इसे दूसरा काकोरी कांड भी बता रहे हैं। बहरहाल, अखबारों के हवाले से पता चला है कि अमिताभ के साथ-साथ अभिषेक और जया भी यूपी में बीज उत्पादक किसान के तौर पर रजिस्टर्ड हो गए हैं। इस तरह अमिताभ के किसान बनने से हमारे देश के बाक़ी किसानों को भी पता चल गया कि भैय्या किसानों का भी रजिस्ट्रेशन होता है। बेचारों की पीढ़ियां खेती-किसानी करते मर खप गईं पर वोटर लिस्ट के अलावा और किसी लिस्ट में कभी उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ।
वैसे भरोसेमंद सूत्रों के हवाले से ख़बर आ रही है कि वहीं खेत में ही बच्चन परिवार में दरार पैदा हो गई। अभिषेक ने इस मुद्दे पर पा के ख़िलाफ़ बग़ावत कर दी है। उन्होंने अमिताभ को साफ़-साफ़ कह दिया है कि आपको किसान बनना है तो बेशक बनिए लेकिन मुझे बख्शिए। वैसे भी आप तो वन-मैन इंडस्ट्री रहे हैं, इसलिए ये काम भी आप अकेले ही कीजिए। अमिताभ ने अभिषेक को समझाया कि बेटा इस किसानगीरी में पूरे परिवार को मिल-जुलकर काम करना पड़ता है, फिर भी गुज़ारा नहीं चलता। हमें तो पहले ही दिन ट्रैक्टर भी मिल गया, नहीं तो ज़्यादातर किसान तो ट्रैक्टर के सिर्फ़ सपने ही देखते रह जाते हैं। और वैसे भी मैं यही चाहता हूं कि तुम भी वही काम करो जो मैं करता हूं, चाहे तुम्हें आए या ना आए। यहां मुंबई में तो कोई तुम्हारा आटोग्राफ़ लेता नहीं, हो सकता है कि गांववाले ही ले लें। लेकिन बिग बी की इन सब बिग दलीलों का अभिषेक पर कोई असर नहीं पड़ा। अभिषेक ने कहा पा इस किसानगीरी में हमें इस बार भी कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं, और ऐसे में अमर चाचा बहुत काम आएंगे। वो जज वगैरह से आपकी सेटिंग भी करा सकते हैं। अमिताभ बोले बेटा ऐसा है कि...लेकिन अभिषेक ने उन्हें बीच में ही टोक दिया पा उधर राज ठाकरे के भी फोन आ रहे हैं, वो कह रहे हैं कि अच्छा बेटा अब तुम लोग किसान भी यूपी के ही बन गए। वापस मुंबई आओ, तुमसे मनसे स्टाइल में हल जुतवाएंगे। ठाकरे का नाम सुनते ही अमिताभ के पैरों तले से बीज, खाद और ज़मीन सब खिसक गए। अभिषेक ने आगे कहा और पा, ऐश्वर्या भी खेती-बाड़ी करने से मना कर रही है। वो कहती है कि मैं तुम बाप-बेटे के साथ कजरारे-कजरारे तो कर सकती हूं पर ये खेती-वेती मेरे बस का काम नहीं है। अभिषेक की इन सब बातों को सुनकर एंग्री यंग मैन से कूल ओल्ड मैन बन चुके अमिताभ ने कहा लेकिन बेटा मेरे लिए खेत पर खाना लेकर कौन आएगा। इस पर अभिषेक के दिमाग़ में फिर एक आइडिया आया, उसने कहा पा फिर तो आप अमर चाचा को बुला ही लीजिए, वो ऐसा जुगाड़ करेंगे कि आपको कुछ भी करना नहीं पड़ेगा और बैठे-बिठाए बंपर फसल मिलेगी। आपको तो पता ही है कि वो कितने जुगाड़बाज़ आदमी हैं। बेटे के बग़ावती तेवर ढीले ना पड़ते देख अमिताभ को लगने लगा कि इस बार भी अपने छोटे भाई अमर की ही मदद लेनी पड़ेगी। यही सोचकर अमिताभ तभी से अमर को फोन लगाए जा रहे हैं, लेकिन उधर से कोई रेस्पॉन्स नहीं मिल रहा है। सुना है वो राज ठाकरे के साथ बैठे चाय पी रहे हैं। लगता है किसान बनने का अमिताभ का सपना फिर टूट जाएगा। 

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